आजकल बहुत से युवा नशा के लत से परेसान है , वह भी जनता है की यह मेरे लिए कितने हानिकारक है , छोड़ने का हर संभव प्रयास करते है , और कहते की बस आज और कल से छोर देगे , लेकिन कल कभी आता ही नही है ।कल कल करते करते सप्ताह , महीने और शाल बित जाते है पर हम वही के वही रह जाते , नासा करना छूटता नही । ना जाने कितने युवा पीढ़ी रूपये के साथ साथ अपने स्वास्थ को हानि पहुचाते है । जबकि सब को पता है स्वास्थ ही धन है (helth is wealth) | स्मोकिंग , नासा से जल्दी को छुटकारा नही मिलता पर एक ट्रिक आपको बताता हूँ, सायद किसी को फ़ायदा हो जाये । मैं नही कहता की आपके लत 100% छूट जायेगे , पर अगर आप अपने आप में confidence है तो सायद मदद मिल सकता है । साधारण तौर पर किसी को कोई चीज अच्छे लगते है वही चीज किसी को बुरे , कोई आदमी की का दोस्त होता है , वही आदमी किसी के दुश्मन , मतलब ये सारा चीज हमारे दिमाग का है , मन का है । कोई आदमी किसी का दोस्त दुश्मन नही होते बल्कि उसके मन के होते है , अगर मन माना की वह दोस्त है , तो वह दोस्त और मन में दुश्मन तो वह दुश्मन हो जाते है ।मतलब कोई दोस्त आपका है उसमे कुछ बुराई है , या फिर आपके साथ कुछ ऐसा किया हो जो की आपको पसंद नही आया हो , या फिर कोई कारन हो , और आपको गुस्सा आया होगा और उससे नफरत हो जाता है , उससे बात तक नही करना चाहते है ।मतलब आपके मन में बैठ जाता है की यह मेरे लिए अच्छा दोस्त नही है , उसके प्रति आपके मन में घृणा आ जाता है । मतलब की जब आप उसको देखते तो आपको कूद व खुद गुस्सा आने लगता है । इसी तरह आपके मन में स्मोकिंग या नाश का एक sentence बैथ जाता है की इसके पिने से हमारे टेंसन कम होता है , जिसके कारन ये छूट नही पता ।इसलिए इसे सदा को छोड़ने के लिए इसके बुरे प्रभाव को अपने मन में सोचिये , जैसे की यह हमारे लिए हानिकारक है , ये कैंसर का कारन है , ये पिने के बाद और टेंसन दे देता है की आज भी मैंने 5 स्मोकिंग कर ली । ये भूल जाईये के ये हमे टेंसन से मुक्त करता है । जैसे ही आपके मन ये आना बैथ जायेगे की ये हमारे दुश्मन है , तब से ही नासा के प्रति आपको घृणा हो जायेगी । जैसे ही आपको उसके प्रति घृणा आया फिर नासा करने के मन नही करेगे ।ये इतना आसान लग रहा है पर आपको अपने आपके आत्म विस्वास से करना होगा ।एक और चीज अंत में बतना चाहता हूँ की , जब आप कोई बुरा काम करते है तो आपके अंडर से एक आवाज आती है , जिसे आप आत्मा या परमात्मा कह सकते है , वह आपके दिमाग को सन्देश भेजता यह नही करो । यह करना बुरी बात है इसके करने से आपको हानि पहुचेगी ।पर कोई इसपर ध्यान नही देता है । जब आप कुछ गलत करने जाते है , कितनी बार सोचते है की मुझे नही करना है , लेकिन आपक नकारत्मक विचार हावी होता और आप वह काम क़र देते है ।वास्तविक में होता क्या है आपका आत्मा आपके शारीर को नुकसान नही होन देना चाहता है ।साइंस की भाषा में एक ऐसा स्वचालित प्रोग्राम जो की हर संभव आपके दिमाग में सिग्नल भेज कर आपको आगाह करता है की ये चीज आपके सरीर को नुकशान पहुचा सकता ।
धन्यबाद
धन्यबाद