fb likes

Friday, 17 November 2017

अच्छी बाते 21

आज कल ये देखा गया है , कुछ लोग ये कहते है की कुछ युवा  देश की संस्कृति  सभ्यता को बदनाम करने में लगे है , खास कर के उस युवा को जो पार्क में अपनी फ्रैंड  के साथ बैठे होते है , या बात कर होते है , हमेसा उसे हिन् भावना से देखते है , साथ ही उसके बारे ये कमेंट करते है की कैसा  परिवार से है , इसको सरम नही ही , लड़की  के साथ पार्क में बैठा है , इसकी संस्कृति सभ्यता  का लाज नही  ,सरे आम समाज को बदनाम कर रहा है | कुछ लोग एसे होते है उसको पाकर कर जबरदस्ती  मंगल सूत्र  पहनावा देते है , या मंदिर में ले जाकर जबर दस्ती शादी करवा देते है , यहाँ तक की कुछ ग्रुप हाथ में मंगल सूत्र लेकर साथ में घूमते है ,और जबरदस्ती शादी करा देते है , और साथ ही साथ उका विडियो उपलोड कर दते है |उस लोग का बस एक ही कहना होता है की हमारी संस्कृति और समाज को बदनाम कर रहा है  ,ये कहा क्या इंसाफ है युवा के साथ | जो आदमी संस्कृति के पीछे ये खेल रच रहे है उसे ही खुद संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान नही होता है ,बस उसमे अंधविश्वास होता है |क्योकि उसे जिन्दगी  जीने का रहस्य मालूम नही है , उसे समाज संस्कृति सभ्यता में फर्क मालूम नही होता है , उसे बदलते जिंदगी का लाइफ स्टाइल नही जाता है , वह हकीकत को जानना नही चाहता है , उसके मन में बस एक ही कचरा भरा रहता है , जो लड़के इस तरह बात कर रहे है वह गलत है , बस कानून को हाथ में लेकर मन मर्जी करता है , हर एक चीज के लिए कानून और प्रसासनिक  ब्यवस्था है अपने हाथ में कानून का क्या मतलब , आप यही अपने आपको बतना चाहते है की जो हम कर रहे है वह सही है , जो हमारे लिए सही है वही भारत देश के हर  आदमी सही मानेगे  |ये गलत है , ये यह कहते है ही ये लोग वेस्टर्न कल्चर को भारत में ला कर भारत की संस्कृति को बदनाम कर रह है |अगर हम अपनी संस्कृति को जानते है तो , सबको ये पता है की संस्कृति समय पे पद्लती रहती है , और हमेसा बदलते रहेगा , नए चीज जुटते है ,पुराणी परम्परा ख़तम होते जाते है , बदलाव होते रहता है , दुनिया की हर एक चीज परिवर्तन शील है , जो नही चीज हो , चाहते आस्था से , संस्कृति से हो या सभ्यता से हो सारा परिवर्तन शील है | अब ये कोई कहे की पहले हम चारो धाम की यात्रा करते थे , किसी साधू  की परवचन के लिए दूर जाया करते थे , और आज हम टेलीविज़न  पर ये सब कर लेते थे . | आज से पहले हम अजीब कपरे पहनते थे , और आज हमलोग कुछ अलग तरह के कपरे पहनते है , तो क्या हम हम अपनी परम्परा को बचने के लिए पहले जैसे कपडा पहनने  लगे |पहले किसी बाबा के परवचन सबके लिए फ्री होते थे पर आज हम रूपये देकर सुनने जाते है |पहले कम उम्र में ही बच्चे की शादी हो जाते थे , सती परता भी था ,उस सब को त्याग किये ना , रही शादी की बात को ऑनलाइन लड़के या लड़की को देख जाता है , बात किया जाता है ,उससे सम्पर्क किया जाता है | अब ये कहे कहे की जो चीज भारत की है उसे ही उपयोग करेगे  ,खायेगे , तकनिकी  भी भारत देश का ही उपयोग करेगे , ये समभ है  ये संभव नही है , अब दुसरे देश में में भी भारतीय  संस्कृति  को अपना रहा है  , ये हमरी मानसिकता पे निर्भर करता है , एक उदाहरण के तोर पे कहता ,की जो आदमी गाव में रहता है कितने भी तरह के चाइनीज फ़ूड दीजिये पर वो खाना पसन् नही करेगे , पर कुछ अद्द्मी गाव से जाकर सहर में रहता है उसे चाइनीज खाना अच्छा लगने लगता है , उसे तो खाना खाने से रोक तो नही सकते है |उसे जबरन कहे तुम इसे ही खाओ या कैसा न्याय है , भारत देश अलग अलग जगह संस्कृति है , नार्थ इंडिया के पहनावा  साउथ इंडिया के पहनवा और कहना पीना भी अलग करते है | डेल्ही  , मुंबई , जैसे अधिकतम शादी करने से पहले लड़की और लड़के  एक दुसरे को अछि तरह से जानते है |इसका मतलब ये नही की उसमे देश के लिए संस्कृति और सभ्यता आस्था के लिए सम्मन नही  है | जिस ग्रुप के लोग इस तरह करते है , सायद हो सकता उसके बच्चे भी करते हो तो क्या है , जीबन में बढ़ते उमर के साथ बहुत कुछ सीखना पड़ता है , बहुत कुछ अनुभव होता है |हा जो गलत है उसे समझना बड़े का फर्ज है , न की उसको जबरदस्ती उसपे बोझ  लाध देना | आपलोग तो ग्रुप के आड़  में ये करके चले गये पर लड़की और लड़के की बदनामी को कौन झेलेगा , इसके जिम्मेवार कौन है | खास कर के गाव में येसा येसा घटना देखने को मिलेगा की , दिल को दहला देगा |यहाँ तक की गाव के कुछ लोग मिलकर दर्दनाक तरीके से पिटते पिटते मार देता है , जिन्दा जला देता है , उसके माँ बाप को नही छोरते है जलील किया जाता है , और बंकि लोग गाव के लोग तमसा देखते है , बहुत से विडियो ऑनलाइन मिल जायेगे देखने के लिए |क्यों की गाव के कुछ लोग के कारन दो परिवार की जिन्दगी उजर जाती है |और परसासन भी कुछ नही करते है , खास कर एसे काम करने वाले लोगो पर काननों शक्ति से पेस हो  ,यैषा करने वाले बस एक दो लोग होते है गाव में जो पागल होते है , क्योकि अपने हथ के कारन सबके सामने कर देते सरे आम दर्दनाक काम |