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Monday, 29 June 2015

about dinosaur , posibility ,death , fossil of dinosaurs


अपने आकार के कारण हुआ डायनासोर का खात्‍मा:-
पेरिस। वैज्ञानिकों ने इस बात का पता लगा ही लिया कि आखिर विशाल जीव डायनासोर का खात्मा हुआ। उनका दावा है कि इस दैत्याकार जीव का आकार ही उसके अस्तित्व के लिये खतरा बन गया। अपने नये अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कहा है कि अपने आकार के कारण ही इस जीव का खात्मा हुआ। उन्होंने बताया कि अंडे से पैदा हुये नन्हें डायनासॉर का वजन 10 किलोग्राम हुआ करता था जिसे बाद में 30 से 50 टन होना पड़ता था। ज्यूरिख यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक मर्कस क्लॉस ने बताया कि नन्हें डायनासॉर को अन्य वयस्क स्तनधारियों के आकार से लोहा लेना पड़ता था। क्लॉस ने बताया कि वहीं स्तनधारियों के नवजात आकार में बड़े होते थे जिन्हें अन्य बड़े पशुओं से खतरा नहीं होता था। इसका मतलब यह हुआ कि पर्यावरण में मध्यम और बडे़ आकार वाले जानवरों के लिये तो जगह रही पर छोटे डायनासॉर के लिये मुश्किल हो गई। इस अध्ययन को ब्रिटिश रॉयल सासोइटी के जर्नल बायोलॉजी लेटर्स में प्रकाशित किया गया है। क्लॉस ने बताया कि जलवायु में छोटी प्रजातियों के लिये बहुत स्थान है पर वह बड़े आकार के पशुओं के नवजात अधिक जगह लेते हैं। यही कारण है कि जब किसी भी जीव के नन्हें को स्थान नहीं मिलेगा तो वह प्रजाति आगे नहीं बढ़ सकती। वैज्ञानिकों ने इस बात का खंडन किया है कि कोई तारा धरती से टकाराया था और फिर उसके असर से डायनासॉर गायब हो गये
उल्का से नहीं हुआ डायनासोर का विनाश:-
वाशिंगटन। करीब 6.5 करोड़ वर्ष पहले गिरे एक उल्का पिंड जिससे विशाल गड्ढे का निर्माण हुआ, शायद डायनासोर सहित दुनिया की 65 प्रतिशत प्रजातियों के विनाश का वास्तविक कारण नहीं है। एक नए अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। मेक्सिको के उत्तरी युकातान में वर्ष 1978 में खोजे गए इस गर्त का व्यास करीब 180 किलोमीटर है और इसके पूरी दुनिया पर काफी अधिक प्रभाव पड़ा। इस उल्का के गिरने से डायनासोरों के साथ अनगिनत प्रजातियां नष्ट हो गईं। बहरहाल काफी अधिक संख्या में वैज्ञानिक इस सिद्धांत से असहमत हैं। न्यूजर्सी के प्रिंस्टन विश्वविद्यालय के गर्ट केलर और स्विट्जरलैंड के लुसाने विश्वविद्यालय के थियरी एडाटे के नेतृत्व में हुए नए शोध के अनुसार मेक्सिको में गर्त का निर्माण अधिक से अधिक 300,000 वर्ष पहले हुआ। ज्वालामुखी से हुआ डायनासोर का विनाश केलर का सुझाव है कि भारत में दक्कन के पर्वतहीय इलाके में होने वाले ज्वालामुखी विस्फोट संभवत: डायनासोरों के विनाश के लिए जिम्मेदार हैं। ज्वालामुखियों से निकली गैसों और धूल ने सूर्य के प्रकाश का रास्ता रोक दिया और ग्रीनहाउस जैसा प्रभाव पैदा किया। शोध के परिणाम सोमवार को प्रकाशित जियोलाजिकल सोसायटी के जर्नल में दिए गए हैं। इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
डायनासोर से भी पहले रहता था महाजंतु :-
लंदन। जीवाश्म वैज्ञानिकों ने एक ऐसे रेंगने वाले हिंसक हमलावर प्रकृति के प्राणी के जीवाश्म खोज निकाले हैं जिसके बारे में समझा जाता है कि वह डायनासोर के निवास से करीब 26 करोड़ 50 लाख साल पहले धरती पर घूमता था। दक्षिणी ब्राजील के रियो ग्रांदे दू सोल में एक खेत से इस विशाल प्राणी की खोपड़ी खोदकर निकाली गयी है। वैज्ञानिकों ने गूगल मानचित्र पर एक धब्बे को देखकर वहां जाकर जांच करने का फैसला किया और उसके बाद यह चीज सामने आयी। वैज्ञानिकों का मानना है कि कुत्ते के आकार का यह जानवर डायनासोर के धरती पर आने से पहले धरती पर रहता था और रेंगने वाले ऐसे प्राणियों के परिवार से ताल्लुक रखता था जिसका बाद में धरती से सफाया हो गया। डेली मेल में प्रकाशित खबर के अनुसार इस जीव का नाम पम्पाहोनस रखा गया है जो दिखने में डायनासोर जैसा था लेकिन डायनासोरों के धरती पर आने से पहले इसका खात्मा हो गया। पहले समझा जाता था कि इस परिवार के जंतु केवल रूस , कजाखस्तान , चीन और दक्षिण अफ्रीका में ही रहते थे लेकिन ताजा खोज से पता चलता है कि ये धरती के विभिन्न हिस्सों में फैले हुए थे।

अनुमान से 90 लाख साल पूर्व मौजूद थे डायनासोर! :-
लंदन। धरती का सबसे विशालयकाय जीव डायनासोर यूं तो जीव विज्ञानियों और इतिहासकारों के लिए रहस्यमय प्रजाति बना हुआ है लेकिन पहले की अवधारणा के विपरीत अब एक नये शोध में कहा गया कि डायनासोर की प्रजाति पृथ्वी पर पहले लगाए गए अनुमान से 90 लाख साल पहले मौजूद थी। पोलैंड में मिले डायनासोर के पैरों के निशान पर किए गए शोध में कहा गया है कि भूगर्भिक युग में भी यह जीव मौजूद था, भले ही इनके आकार छोटे थे। पत्रिका 'रॉयल सोसायटी बी' ने शोधकर्ताओं के हवाले से बताया है कि डायनासोर के पैरो के मिले निशान से ऐसा प्रतीत होता है कि 25 करोड़ वर्ष पहले यह पृथ्वी पर रहा होगा। रिपोर्ट के मुताबिक पोलैंड में मिले जीवाश्म डायनासोर के सबसे पुराने जीवाश्मों में से एक है। समाचर पत्र 'डेलीमेल' ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शुरूआत में डायनासोर एक छोटे किस्म का और चार पैरों वाला जीव रहा होगा लेकिन अगले 50 लाख वर्षो के दौरान यह खुद को बदलते चले गए। इनके आकार के साथ-साथ इनके खान-पान सहित अन्य चीजों में में भी तब्दीली आती चली गई।






प्रकाश से भी तेज यात्रा करेगा ‘वार्प ड्राइव इंजन’ चार घंटे में चांद पर, प्रकाश से भी तेज यात्रा करने वाले ‘वार्प ड्राइव इंजन’ से चार घंटे में चांद पर और 70 दिनों में मंगल ग्रह पर पहुंचा जा सकता है.

प्रकाश से भी तेज यात्रा करने वाले ‘वार्प ड्राइव इंजन’ से चार घंटे में चांद पर और 70 दिनों में मंगल ग्रह पर पहुंचा जा सकता है.
ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने के लिए कई देशों ने अपने-अपने अंतरिक्षयान भेजे हैं, लेकिन इनकी गति की एक सीमा है. इस कारण इसके अपेक्षित नतीजे के लिए लंबा इंतजार करना होता है, परंतु ‘नासा’ ने ‘वार्प ड्राइव’ नामक एक ऐसी इंजन तकनीक विकसित की है, जिसके जरिये भविष्य में अंतरिक्ष यान महज चार घंटे में चांद पर और महज 70 दिनों में मंगल ग्रह पर पहुंच जायेगा. 
‘नासा’ के वैज्ञानिकों ने हाल ही में कहा है कि उन्होंने इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रॉपल्शन ड्राइव (इएम ड्राइव) सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है, यह एक ऐसा डिवाइस है जो वार्प ड्राइव के कॉन्सेप्ट पर काम करता है, और इसमें प्रकाश की गति से भी ज्यादा तेजी से ट्रैवल करने की क्षमता होती है, वैज्ञानिकों ने उम्मीद जतायी है कि इस क्रांतिकारी आविष्कार से इंसान प्रकाश की गति से भी ज्यादा तेजी से अंतरिक्ष की यात्रा कर पायेगा. हालांकि अभी इस तकनीक का केवल परीक्षण ही किया गया है, लेकिन भविष्य में इसके माध्यम से न 
केवल हमारी आकाशगंगा में मौजूद ग्रहों, बल्कि इससे इतर ग्रहों पर भी अंतरिक्षयान को भेजने में सफलता मिल सकती है.
 
नासा इगलवर्क इंजीनियर पॉल मार्च के हवाले से ‘टेक टाइम्स’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने हार्ड वैक्यूम में इएम ड्राइव का परीक्षण किया है, बिना स्टैंडर्ड फ्यूल का इस्तेमाल किये हुए इलेक्ट्रिकल एनर्जी को थ्रस्ट में तब्दील करके इस ड्राइव को संचालित किया गया था, इएम ड्राइव विकसित करने वालों ने ऊर्जा हासिल करने के लिए इसमें सोलर एनर्जी का उपयोग किया.
 
अन्य ग्रहों पर अंतरिक्षयान भेजने के मिशन के तहत नासा के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि मंगल मिशन के लिए भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा, इसके लिए 0.4  न्यूटन प्रति किलोवाट के थ्रस्ट/ पावर इनपुट वाले इएम ड्राइव से युक्त 2 मेगावॉट न्यूक्लियर इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जा सकेगा, इस डिजाइन से बनाये गये यान से मंगल तक महज 70 दिनों में पहुंचा जा सकता है.
reference :-http://www.samaylive.com/science-news-in-hindi/314654/will-travel-faster-than-light-by-warp-drive-engine-.html

QUOTES OF GAUTAM BUDDHA

QUOTES OF GAUTAM BUDDHA


  1. Full nameSiddhartha Gautama
  2. “अज्ञानी आदमी एक बैल है.ज्ञान में नहीं है, वह आकार में बढ़ता है.”
    “तीन  चीज़े लंबे समय तक छिप नहीं सकती, सूर्य, चंद्रमा, और सत्य”
                              -गौतम बुद्ध
    “तुम path की यात्रा नहीं कर सकता जब तक आप  path नहीं बनोगे”
                        गौतम बुद्ध
    “रास्ता आकाश में से  नहीं. रास्ता दिल में से  है.”
                      गौतम बुद्ध
    “मन सब कुछ है. जो तुम सोचते हो वो तुम बनते हो |”
                       गौतम बुद्ध
    “एक कुत्ते को एक अच्छा कुत्ता नहीं माना जाता है क्योंकि वह एक अच्छा नादकार है. एक आदमी एक अच्छा आदमी नहीं माना जाता है क्योंकि वह एक अच्छा बोल लेता है. ”
                            गौतम बुद्ध
    “आप अपने गुस्से के लिए दंडित नहीं हुए , आप अपने गुस्से के द्वारा दंडित हुए हो |”
                                गौतम बुद्ध
    “तुम अपने पथ की यात्रा नहीं कर सकते जब तक आप खुद पथ नहीं बनते ”
                                गौतम बुद्ध
    “आप अपने मोक्ष. पर खुद कार्य करो . दूसरों पर निर्भर मत रहो .”
                               गौतम बुद्ध
    “अच्छे स्वास्थ्य में शरीर रखना एक कर्तव्य है … अन्यथा हम हमारे मन  को मजबूत और साफ रखने के लिए सक्षम नहीं हो पाएंगे .”
                                                                                                       गौतम बुद्ध
    “हर इंसान अपने स्वास्थ्य या बीमारी का लेखक है.”
                                                           गौतम बुद्ध
    “अतीत में ध्यान केन्द्रित नहीं करना , ना ही  भविष्य के लिए  सपना देखना , बल्कि  अपने mind  को वर्तमान क्षण में केंद्रित करन                                                                                                                                गौतम बुद्ध
    “मैं कभी नहीं देखता क्या किया गया है,  मैं केवल ये देखता हो क्या करना बाकी है.”
                                                                                       गौतम बुद्ध
  3. गौतम बुद्ध

Sunday, 28 June 2015

Abraham Lincoln

Abraham Lincoln

A friend is one who has the same enemies as you have..
———–-Abraham Lincoln
एक दोस्त वह है जिसका दुश्मन वही है जो आपका है…
———–अब्राहम लिंकन
“The best way to destroy an enemy is to make him a friend.”
————Abraham Lincoln
“एक दुश्मन को नष्ट करने का सबसे अच्छा तरीका है उसे एक दोस्त बना लो.”
———–अब्राहम लिंकन
“My concern is not whether God is on our side; my greatest concern is to be on God’s side, for God is always right.”
————Abraham Lincoln
“मेरी चिंता का विषय यह नहीं है भगवान हमारे पक्ष में नहीं है, मेरी सबसे बड़ी चिंता है की में भगवान की तरफ हो रहा है, क्योकि god हमेशा सही होता है ”
———–अब्राहम लिंकन
“I’m a success today because I had a friend who believed in me and I didn’t have the heart to let him down.”
————Abraham Lincoln
“मैं आज एक सफल हूँ क्योंकि मेरे पास एक दोस्त है जो मुझ पर विश्वास रखता है और मेरे पास उसका विश्वास तोड़ने वाला दिल नहीं है.”
———–अब्राहम लिंकन
“When you reach the end of your rope, tie a knot and hang on.”
————Abraham Lincoln
“जब आप अपनी रस्सी के अंत तक पहुँच जाऊ , एक गाँठ लगाओ और लटक जाऊ ”
———–अब्राहम लिंकन
“All that I am or ever hope to be, I owe to my angel mother.”
————Abraham Lincoln
“आज जो भी में हो और होने की उम्मीद रखता हूँ , उसके लिए में अपनी angel mother का कर्ज़दार हूँ.”
———–अब्राहम लिंकन
“No man is poor who has a Godly mother.”
————Abraham Lincoln
“कोई भी आदमी गरीब नहीं है जिसके पास धर्मी माँ है”
———–अब्राहम लिंकन
I will prepare and some day my chance will come.
————Abraham Lincoln
मैं तैयार रहूँगा और किसी न किसी दिन मेरा मौका जरूर आयेंगा
———–अब्राहम लिंकन
“You cannot escape the responsibility of tomorrow by evading it today.”
————Abraham Lincoln
“आप कल की जिम्मेदारी से आज बच नहीं सकते”
———–अब्राहम लिंकन
When I do good, I feel good; when I do bad, I feel bad, and that is my religion.
————Abraham Lincoln
जब मैं अच्छा करता हो , तो में अच्छा महसूस करता हूँ , जब मैं बुरा करता हो , तो में बुरा महसूस करता हूँ, और यही ही मेरा धर्म है.
———–अब्राहम लिंकन

सुकरात के अनमोल विचार

सुकरात के अनमोल विचार 


NameSocrates /  सुकरात
Born 469 / 470 BC
Quote 1: An honest man is always a child.
In Hindi :एक ईमानदार आदमी हमेशा एक बच्चा होता है.
Socrates सुकरात
Quote 2: All men’s souls are immortal, but the souls of the righteous are immortal and divine.
In Hindi :हर  व्यक्ति  की  आत्मा   अमर  होती  है  , लेकिन  जो  व्यक्ति  नेक  होते  हैं  उनकी  आत्मा  अमर  और  दिव्य होती  है
Socrates सुकरात
Quote 3: As for me, all I know is that I know nothing.
In Hindi :जहाँ तक मेरा सवाल है , मैं  बस  इतना  जानता  हूँ  कि  मैं  कुछ  नहीं  जानता.
Socrates सुकरात
Quote 4: As to marriage or celibacy, let a man take which course he will, he will be sure to repent.
In Hindi :शादी या ब्रह्मचर्य , आदमी  चाहे  जो  भी  रास्ता  चुन  ले , उसे  बाद  में  पछताना ही पड़ता है .
Socrates सुकरात
Quote 5: Be slow to fall into friendship; but when thou art in, continue firm and constant.
In Hindi :मित्रता  करने  में  धीमे  रहिये , पर  जब  कर  लीजिये  तो उसे मजबूती से  निभाइए  और  उसपर स्थिर रहिये .
Socrates सुकरात
Quote 6: Death may be the greatest of all human blessings.
In Hindi :मृत्यु संभवतः मानवीय वरदानो में सबसे  महान  है .
Socrates सुकरात
Quote 7: By all means, marry. If you get a good wife, you’ll become happy; if you get a bad one, you’ll become a philosopher.
In Hindi :चाहे  जो  हो  जाये  शादी  कीजिये . अगर  अच्छी  पत्नी  मिली   तो  आपकी  ज़िन्दगी  खुशहाल रहेगी ; अगर  बुरी  पत्नी  मिलेगी तो  आप  दार्शनिक  बन  जायेंगे .
Socrates सुकरात
Quote 8: Beauty is a short-lived tyranny.
In Hindi :सौंदर्य एक अल्पकालिक अत्याचार है.
Socrates सुकरात
Quote 9: Where there is reverence there is fear, but there is not reverence everywhere that there is fear, because fear presumably has a wider extension than reverence.
In Hindi :जहाँ सम्मान है वहां डर है ,पर ऐसी हर जगह सम्मान नहीं है जहाँ डर है, क्योंकि संभवतः डर सम्मान से ज्यादा व्यापक है.
Socrates सुकरात
Quote 10: The greatest way to live with honor in this world is to be what we pretend to be.
In Hindi :इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे महान तरीका है कि हम वो बनें जो हम होने का दिखावा करते हैं.
Socrates सुकरात
Quote 11: Our prayers should be for blessings in general, for God knows best what is good for us.
In Hindi :हमारी प्रार्थना बस सामान्य रूप से आशीर्वाद के लिए होनी चाहिए, क्योंकि भगवान जानते हैं कि हमारे लिए क्या अच्छा है.
Socrates सुकरात
Quote 12: Not life, but good life, is to be chiefly valued.
In Hindi :ज़िन्दगी नहीं , बल्कि एक अच्छी ज़िन्दगी को महत्ता देनी चाहिए.
Socrates सुकरात
Quote 13: From the deepest desires often come the deadliest hate.
In Hindi :अधिकतर आपकी  गहन  इच्छाओं  से  ही  घोर  नफरत  पैदा  होती  है .
Socrates सुकरात
Quote 14: False words are not only evil in themselves, but they infect the soul with evil.
In Hindi : झूठे शब्द  सिर्फ  खुद  में  बुरे   नहीं  होते , बल्कि  वो  आपकी  आत्मा  को  भी बुराई से संक्रमित कर देते हैं.
Socrates सुकरात
Quote 15: Employ your time in improving yourself by other men’s writings, so that you shall gain easily what others have labored hard for.
In Hindi :अपना  समय  औरों  के  लेखों  से  खुद  को  सुधारने  में  लगाइए , ताकि  आप  उन   चीजों  को  आसानी   से  जान  पाएं  जिसके  लिए  औरों  ने  कठिन  मेहनत  की  है .
Socrates सुकरात
Quote 16: He is richest who is content with the least, for content is the wealth of nature.
In Hindi : वो  सबसे   धनवान  है  जो कम से  कम  में  संतुष्ट  है , क्योंकि  संतुष्टि  प्रकृति  कि  दौलत  है .
Socrates सुकरात
Quote 17: It is not living that matters, but living rightly.
In Hindi :सिर्फ जीना मायने नहीं रखता , सच्चाई से जीना मायने रखता है.
Socrates सुकरात 
Quote 18: I am the wisest man alive, for I know one thing, and that is that I know nothing.
In Hindi :मैं  सभी  जीवित  लोगों  में  सबसे  बुद्धिमान   हूँ , क्योंकि  मैं  ये  जानता  हूँ  कि  मैं  कुछ  नहीं  जानता  हूँ .
Socrates सुकरात
Quote 19: Worthless people live only to eat and drink; people of worth eat and drink only to live.
In Hindi : मूल्यहीन व्यक्ति केवल खाने और पीने के लिए जीते हैं; मूल्यवान व्यक्ति केवल जीने के लिए खाते और पीते हैं.
Socrates सुकरात

नासा के इस विमान की खूबियां जानकर रह जाओगे हैरान

नासा के इस विमान की खूबियां जानकर रह जाओगे हैरान

नासा अनेक खूबियों वाले सुपरसोनिक विमानों का निर्माण करने जा रहा है जिसे पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा.
अमेरिका की अंतरिक्ष विज्ञान एजेंसी नासा अब एक ऎसा विमान बनाने जा रही है जो सबसे अनोखा होगा, नासा ने कहा है कि वह सस्ते और हरित सुपरसोनिक जेट विमानों का निर्माण करने जा रही है, पत्रिका "क्वार्टज" ने जानकारी दी है कि नासा द्वारा ऎसे विमानों के लिए अनुसंधान पर 60 लाख डॉलर की राशि खर्च की जा रही है.
गौरतलब है कि आधुनिक लड़ाकू जेट विमान ध्वनि की गति से भी तेज गति से उड़ सकते हैं, हालांकि इसका पर्यावरणीय प्रभाव कम होता है, क्योंकि ज्यादातर लड़ाकू जेट विमान नियमित समय पर ही संचालित होते हैं, इसके अलावा सुपरसोनिक जेट सामान्य जेट की तुलना में अधिक ऊंचाई पर उड़ते हैं, परंपरागत जेट इंजन की तुलना में सुपरसोनिक इंजन में ईंधन की अधिक खपत होती है, लेकिन नया विमान ईधन की कम खपत करेगा.
 
नासा 2006 से लॉकहीड-मार्टिन और बोइंग जैसी कंपनियों के साथ मिलकर पर्यावरण अनूकूल विमानों के निर्माण में लगा हुआ है, सुपरसोनिक जेट विमानों की एक अन्य बड़ी चिंता इससे होने वाली तेज ध्वनि है, इसके अलावा सुपरसोनिक जेट को मानक मान लिया जाए तो पर्यावरण अनूकूल विमानों की ध्वनि की जाएगी.



क्या चंद्रमा पर भूकंप आते हैं ?

क्या चंद्रमा पर भूकंप आते हैं ?

हाल में नेपाल में आए भूकंप ने पूरे विश्व को दहला कर रख दिया। लगभग 10,000 से ज्यादा लोगों की इसमें जान चली गई। लेकिन हमने कभी यह सोचा है कि क्या हमारी धरती के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा पर भी भूकंप आते हैं? चंद्रमा पर आने वाले भूकंप से हमारी धरती को क्या लाभ हो सकता है ? इससे कितने लोगों की जान बचाई जा सकती है।
इन सवालों का जवाब मिलता है भारत के चंद्रयान-1 से प्राप्त हुए डाटा से और इस डाटा की व्याख्या की है जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में भूविज्ञान, सुदूर संवेदन एवं अंतरिक्ष विज्ञान विभाग के संयोजक (कन्वेनर) प्रोफेसर सौमित्र मुखर्जी ने। उनके इस अध्ययन में उनके छात्र प्रियदर्शनी सिंह ने भी सहयोग किया है और इस अध्ययन से संबंधित कई लेख अंतरराष्ट्रीय विज्ञान जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं।
प्रोफेसर सौमित्र मुखर्जी ने चंद्रयान के नैरो एंगल कैमरा और लूनार रिकॉनिएसेंस ऑर्बिटर कैमरा से चंद्रमा की सतह की ली गई तस्वीरों का विश्लेषण किया और पाया कि चंद्रमा की सतह के भीतर भी गतिमान टेक्टोनिक प्लेट्स हैं जिनके आपस में टकराने से भूकंप जैसी आपदाएं आती हैं।
चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से प्राप्त इस डाटा के अध्ययन के दौरान उन्होंने चंद्रमा की सतह पर कई ऐसे चिन्ह देखे जो इस बात को स्थापित करते हैं कि चंद्रमा पर भी धरती की तरह टेक्टॉनिक प्लेट्स में हलचल पायी जाती है।
प्रोफेसर मुखर्जी ने कहा, जैसे कि धरती की उपरी सतह गतिमान रहने के लिए, उसके नीचे पाए जाने वाले तरल रूप में उपस्थित मेटल पर निर्भर करती है, उसी तरह चंद्रमा पर दिखाई देने वाली टेक्टॉनिक प्लेट्स की हलचल से यह बात स्थापित होती है कि उसकी सतह के नीचे भी तरल अवस्था में कोई पदार्थ है जिस कारण उसकी उपरी सतह चलायमान है।
उन्होंने कहा, इस प्रकार अवधारणात्मक रूप से हम यह निष्कर्ष निकाल सकते हैं कि चंद्रमा का भी केंद्र (कोर0 है, तो यह संभव है कि चंद्रमा की संरचना भी धरती के तरह ही हो। इससे वहां आने वाले भूकंपों और धरती पर आने वाले भूकंपों का तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है। प्रोफेसर मुखर्जी ने कहा कि अभी भी हम धरती पर भूकंप की भविष्यवाणी करने में सक्षम नहीं हो पाए हैं। इस अध्ययन से चंद्रमा हमारे लिए प्रयोगशाला के तौर पर काम कर सकता है और भविष्य में चंद्रमा के भूकंपों और धरती के भूकंपों के तुलनात्मक अध्ययन के सहारे हम धरती पर भूकंप की भविष्यवाणी करने की दिशा में आगे कदम बढ़ा सकते हैं।
उनके इस अध्ययन में अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष उपयोग केंद्र ने सहायता दी थी। यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का सहयोगी संस्थान है। इस अध्ययन से संबंधित लेख नेचर इंडिया, फ्रंटियर्स इन अर्थ साइंस, आईईईई जियो साइंस एंड रिमोट सेंसिंग लेटर्स और एल्सेवियर जैसे प्रतिष्ठित जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं।
प्रोफेसर मुखर्जी ने कहा कि इस अध्ययन में स्वदेश में निर्मित भारतीय अंतरिक्ष यान के डाटा का प्रयोग हुआ और विश्व में पहली बार चंद्रमा पर टेक्टॉनिक्स प्लेट्स के हलचल की बात स्थापित हुई एवं इस डाटा की व्याख्या भी भारतीय विज्ञानियों ने की, इसलिए यह सही मायने में ‘मेक इन इंडिया’ अध्ययन है।

Thursday, 11 June 2015

Story of ALIENS

Story of ALIENS



दोस्तो, एलियंस का नाम सुनकर ही तुम

चौंक जाते होगे। तुम्हारे जेहन में फिल्म 'कोई मिल
गया' के एलियन की छवि आ जाती होगी। दुनिया
में एलियंस को लेकर हर कोई जानना चाहता है। इनके
अस्तित्व को जानने-समझने के लिए हाल ही में लोन
सिग्नल प्रोजेक्ट के तहत ब्रह्मांड में बीप मैसेज भेजा
गया। इस मौके पर आओ जानते हैं एलियंस की
कहानी..
-एलियन शब्द का अर्थ होता है बाहर का यानी
जो हमारे आस-पास का न हो। आमतौर पर इस शब्द
को दूसरे ग्रहों के प्राणियों के लिए इस्तेमाल किया
जाता है।
-एलियंस के लिए ईटी यानी एक्स्ट्रा टेरेसटेरियल
लाइफ टर्म का इस्तेमाल भी होता है।
-बहुत से लोग एलियंस के होने पर भरोसा नहीं करते,
मगर नासा के पूर्व एस्ट्रोनॉट और चांद पर जा चुके
डॉ. एगर मिशेल एलियंस को मानते हैं। उन्होंने एलियंस
को देखा नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि वे
अस्तित्व में हैं।
-उनके अनुमान के मुताबिक, वे ग्रे कलर के छोटे सिर,
चौड़े माथे, बड़ी व मोटी आंखों वाले होते हैं और
उनकी छाती व टांगें बहुत छोटी होती हैं।
-एलियंस की सवारी को आम तौर पर यूएफओ कहते
हैं। यूएफओ का मतलब है- अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग
ऑब्जेक्ट। इन्हें उड़नतश्तरियां भी कहते हैं। पहला
यूएफओ 1676 में एडवर्ड हैली ने देखा था।
-हाल ही में विख्यात वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने
भी कहा था कि एलियंस हमारी पृथ्वी के आसपास
ही हैं। वे लगातार हम पर और हमारी गतिविधियों
पर नजर भी रख रहे हैं।
लोन सिग्नल प्रोजेक्ट
-अब तक एलियंस की मौजूदगी पर रहस्य बना हुआ है,
पर लोन सिग्नल प्रोजेक्ट के मुख्य मार्केटिंग
ऑफिसर अर्नेस्टो के मुताबिक अब हम जान सकेंगे कि
ब्रह्मांड के किसी कोने पर एलियंस मौजूद हैं।
-प्रोजेक्ट के अंतर्गत वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक
बिंदु चुना है। कैलिफोर्निया का जेम्सबर्ग अर्थ
स्टेशन तारामंडल ग्लीज-526 को संदेश भेजेगा। ग्लीज
17.6 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है।
-लोन सिग्नल ने प्रोजेक्ट के मुख्य साइंस ऑफिसर के
मुताबिक, ग्लीज-526 पर एलियंस के होने की
संभावना हो सकती है। ग्लीज को संदेश भेजने के लिए
विभिन्न प्रकार की वेव्स का उपयोग किया गया।
-केपलर द्वारा खोजा गया नया 'केपलर-11' ही वह
ग्रह है, जिसे एलियंस की एक नई दुनिया कहा जा
रहा है। सूर्य जैसे दिखने वाले 'केपलर-11' के कक्ष में 6
अन्य ग्रह चक्कर लगाते हैं।
-चीन की माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर एक आदमी ली
की 'एलियन' के साथ तस्वीर ने धूम मचा रखी है। इस
व्यक्ति का दावा है कि मार्च में एक उड़नतश्तरी
उसके घर के बाहर गिरी थी, तब वह इस 'एलियन' को
उठाकर अपने साथ ले आया और उसे फ्रिज में रख
दिया था।
एसकेए
-यूएफओ परियोजना के पूर्व प्रमुख निक पोप ने कहा
कि स्क्वोयर किलोमीटर एरे (एसकेए) नामक
वृहदाकार दूरबीन के विकास से यह जाना जा
सकेगा कि ब्रह्मांड में कहीं और जीवन है या नहीं।
-एसकेए का काम 2016 में शुरू होगा। यह दुनिया का
सबसे बड़ी रेडियो दूरबीन होगी, जिसमें हजारों
रिसेप्टर लगे होंगे।

 Aliens जैसी space craft का NASA SCIENTEST के द्वरा निर्माण :-

दोस्तो, आपने अमेरिका की मशहूर स्पेस रिसर्च
ऑर्गनाइजेशन नासा यानी नेशनल एयरोनॉटिक्स ऐंड
स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन का नाम जरूर सुना होगा।
नासा इन दिनों अपने मंगल मिशन पर जोर-शोर से
काम कर रहा है। इसी को लेकर नासा ने एक
स्पेसक्राफ्ट भी बनाया है, जो दिखने में बिल्कुल
किसी यूएफओ यानी उड़नतश्तरी जैसा है। ऊपर दी
गई तस्वीर उसी स्पेसक्राफ्ट की है।
उड़नतश्तरी जैसा स्पेसक्रॉफ्ट
-नासा के साइंटिस्ट ऐसा स्पेसक्राफ्ट बनाना
चाहते थे, जो मंगल ग्रह की सतह पर आसानी से उतर
सके। इसके लिए उन्हें फ्लाइंग सॉसर का ख्याल आया।
-सैद्धान्तिक रूप से यह आकार एयरोडायनेमिक्स के
लिहाज से सटीक है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस
आकार में हॉरिजॉन्टली चलने पर हवा का
प्रतिकूल दबाव नहीं होता।
-फ्लाइंग सॉसर दरअसल कम बल प्रयोग में काफी दूर
तक जाती है। इसकी वजह यह होती है कि यह अपने
आस-पास चारों ओर की वायु को एक साथ बहुत
तेजी से धकेलकर अपने लिए रास्ता बनाती है।
-जबसे यूएफओ विशेषज्ञों ने इस तरह की आकृति की
तस्दीक की है, तबसे डिजाइनरों ने इस आकृति को
पूरी तरह अपना लिया है।
-नासा ही नहीं, ब्राजील के आर्ट म्यूजियम से लेकर
फोन और केतली जैसे घरेलू उपकरणों को भी तश्तरी
जैसी इस आकृति में ढाला गया है। कई जगह इस
आकृति में इमारतें भी बनाई गई हैं।