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Sunday, 12 April 2015

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संघर्ष में आदमी अकेला होता है
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है
जब-जब जग किसी पर हँसा है ;
तब-तब उसी ने इतिहास रचा है…

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2)तेरा सपना क्यों पूरा नहीं होता…..
हिम्मत वालो का इरादा अधुरा नहीं होता,
जिस इंसान के कर्म अच्छे होते है
उस के जीवन में कभी अँधेरा नहीं होता..!!
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3)मैं बड़ो कि इज़्जत इसलिए करता हु,
क्यूंकि उनकी अच्छाइया मुझसे ज़्यादा है..
और छोटो से प्यार इसलिए करता हु,
क्यूंकि उनके गुनाह मुझसे कम है….

Saturday, 11 April 2015

गलती कोई भी कर सकता है

                  :-गलती कोई भी कर सकता है :-
गलती करना मनुष्य का स्वाभाब है । एक बार गलती करके ,बार बार फिर वही गलती करना ,स्वभाब की सहजता नहीं माना जा सकता है । इसे चरित्र का दोष माना जाता है । जीबन में हमारि सफलता इस पर निर्भर करती है की हम् अपनी गलती से कितना सीखते है ।गलती की पुनवर्ती न हो ,इसके लिए हम कितना साबधान रहते है ।किसी गलती के लिए यह कहना की 'ठीक है ,गलती हो गई तो क्या हुआ ?लापरवाह की निशानी है । गलती की इस उपेक्षा के बड़े दूरगामी प्राभाव होते है और तब हम यह याद नही रख पाते है की यह हमारी किस गलती का फल है ।इसलिए गलती होने पर अच्छा यही होता है की हम उससे कुछ सीखे ।
गांधीजी कहते थे -गलतियों करके ,उनको मंजूर करके ,उन्हें सुधार करके ही मैं आगे बढ़ सकता हूँ। ठोकर लगे और दर्द उठे तभी तो मैं कुछ पता हू। अगर हम गलतियों को शिक्षक मने तो हम बहुत कुछ सिख सकते है ।
         " गलती ज्ञान की शिक्षा है ।जब तुम गलती करो तो उसे बहुत देर तक मत देखो । उसके कारन को ले लो और आगे की ओर देखो ।भूत बदला नही जा सकता है,भविस्य अभी भी तुम्हारे हाथ में है "

Wednesday, 1 April 2015

आपके जिन्दगी में एक समय आयेगा जब आपको दो रास्ते मिलेंगे , एक रास्ते में आपको को जिन्दगी का कोई मतलब , न कोई मकसद होता है , बस जिन्दगी को किसी तरह जीना है , शायद उसको और उसके फैमली ,दोस्त इशी से खुस होएंगे की वह शांति का जिन्दगी  जीना शुरु कर दिया है | और एक जो दूसरी रस्ते  , जिसमे जिन्दगी का कुछ मतलब , मकशाद ,फ्यूचर में कुछ लक्ष होता है | उसको जिन्दगी जीने का एक सिद्धांत होता है वह अपने सिद्धांत पर चलता है , जिसे जिन्दगी जीने का कुछ खाश मकशाद होता है | वह अपनी जिन्दगी को अलग तरह से जीता है | शायद उसका जन्म इस पृथ्बी पर किसी खास मकसद से हुआ हो ,और वह अपनी जिन्दगी का मकशाद समझ गया हो , की हम कुछ काश करने के लिए मेरा जन्म हुआ है , और कुछ समय के लिए वह परिवार वालो ,तथा दोस्तों से दूर हो जाते है | कुछ पाने के लिए कुछ तो खोना ही परता है |सायद यही  वजह से उसको अपने परिवार ,दोस्तों  के बिच अपना जगह नही बना पाता है | सायद वेसब उसे बेबकुप मानते होंगे | आपको इस दुनिया में दो तरह के लोग मिलेंगे , एक जो हमेसा दुसरे का हेल्प करने में आगे होते है , उसको दुसरो का हेल्प करने में ख़ुशी मिलती होगी , वह हमेसा अपनी जिन्दगी से खुश होता है | एक जो हमेसा दुसरे को हमेसा दुखी करके ही खुश होता है , जिसे दुसरो को हेल्प करने में खुसी नही होती होगी | वो हमेसा ही दुखी होते है | क्योकिं आप किसो को दुखी करते है , आपको दुखी करने के लिए बहुत मिलेंगे , जहा आपकी कुछ नही चलेगी | जैसा आप करोगे आपके साथ वैसा ही हगा | ये सारा हमारे सोच से ज़ुरा होता है | जैसा हम सोचते है वैसा ही हमारे दिमाग में वर्चुअल इमेज बनती है , आपको हमेसा वैसे ही हर जगह होगा | अगर आप pairents के बारे सोचते है तो , आप के दिमाग में आप के मम्मी पापा की वर्चुअल इमेज बन जाती है , ..........