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आपका सच्चा मित्र वही है ,जिनके सत्रु वही है ,जो आप के है ।
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हमे नई परिस्थिति में नई सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए ,
तभी हम सफल हो सकते है ।
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एकान्त से ही प्रत्येक बस्तु का जन्म हुआ है ,
अकेले ब्यक्ति अधिक तेजी से चलता है ।
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जिसने अपने आपको आर्दश के अनुशासन में बाँध लिया ,
वही सही अर्थो में कर्म योगी है ।
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जो सफ़र की सुरवात करते है ,वह मंजिल पा लेते है ,
क्योकि एक बार चलने का हौसला रखना जरुरी है ,
क्योकि अच्छे इंसान का रास्ते भी इंतज़ार करते है ।
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हमारे देश में बदलाव नही आता क्योंकि
गरीब में "हिम्मत नही"
माध्यम वर्ग को "फुर्सत नही "
और आमिर को "जरुरत नही"
गरीब में "हिम्मत नही"
माध्यम वर्ग को "फुर्सत नही "
और आमिर को "जरुरत नही"
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दुसरो के इसारो पे नाचना ,
दूसरों की सहारों पर निर्भर रहना ,
दुसरो का झूठीं टीका टिप्पणी से उदगिन होना
मानिसक दुर्बलता है ।
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जीबन का आनंद गौरब् के साथ , सम्मान के साथ ,और स्वभिमान के साथ जीने में है ।
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जैसे तुम्हारे विचार होगें ,तदानुकिलित ही तुम्हारे भबिष्य का निर्माण होगा ।
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उदासिनता मृत्यु से भी अधिक कष्ट दयाक है ।
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सुकरात :-
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हर ब्यक्ति की आत्मा अमर होती है ।
लेकिन जो ब्यक्ति नेक होते है उसकी आत्मा अमर और दिब्य होती है ।
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जहाँ तक मेरा सबाल है ,मैं बस इतना जानता हूँ की मैं कुछ नही जानता हूँ।
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शादी या ब्रह्मचर्य आदमी चाहे जो भी रास्ते अपनाये अंत में उसको पछताना ही पड़ता है ।
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चाहे जो भी हो जाये ,शादी् कर लिजिये
अच्छी पत्नी मिल जाये तो आपकी जिंदगी ख़ुशहाल रहेगी ,
अगर बुरी मिली तो आप दार्शनिक बन जायेअंगे ।
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इस दुनिया में सम्मान से जीने का सबसे आसान तरीका है
कि वह बने जो होने का दिखावा करते है ।
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वो सबसे धनबांन है जो कम में संतुस्ट है ,क्योंकि संतुष्टी प्रकृति की दौलत है ।
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मूल्यहीन ब्यक्ति केबल खाने पिने के लिए जीते है ,
मूल्यवान ब्यक्ति केबल जीबन के लिए खाते है ।
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विपत्ति से बढ़कर अनुभव सिखाने वाला कोई विद्यालय आज तक नही खुला ।
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