Mysterious pyramids
मिस्र के पिरामिड इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के लिए हमेशा से ही उत्सुकता के केन्द्र रहे हैं. पिरामिडों में जिन लोगों के शवों को सहेज कर रखा गया है उनका इतिहास, पृष्ठभूमि के अलावा उनसे जुड़ी मान्यताओं और किस्से कहानियों की हकीकत को जानकर इतिहासकार और शोधकर्ता वर्षों से चली आ रही एक लंबी बहस का अंत करना चाहते हैं लेकिन इस ओर उनका प्रयास समय के साथ-साथ और मुश्किल होता जा रहा है.
मिस्र के पिरामिडों की पहेली अभी सुलझी नहीं थी कि जापान में एक अनोखे और रहस्यमय पिरामिड ने शोधकर्ताओं की उत्सुकता को और अधिक बढ़ा दिया है. जापान के माउंट कसागी पर स्थित इस पिरामिड के विषय में बहुत कम लोग ही जानते हैं. लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह पिरामिड एक विशेष धार्मिक महत्व रखता है.
मिस्र के पिरामिडों से भिन्न यह जापानी पिरामिड ग्रेनाइट का बना हुआ है. माना जाता है कि दुनियां की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक अटलांटिस सभ्यता के लोग जब यहां भ्रमण करने आए होंगे तब उन्होंने यह पिरामिड बनाया होगा. काले रंग के इस पिरामिड की लंबाई 7 फुट और चौड़ाई 14 फुट है.
mysterious pyramids
ग्रेनाइट पत्थरों से बना यह पिरामिड देखने में जितना सुंदर और अद्भुत हैं, इसका इतिहास उससे कहीं ज्यादा रहस्यमयी है. क्योंकि कोई भी यह नहीं जानता कि इस पिरामिड को किसने और कब बनवाया. इतना ही नहीं पुख्ता तौर पर कोई यह भी नहीं जानता कि इस पिरामिड को बनाने का कारण क्या है. उत्तर-मध्य जापान के नगोया शहर में स्थित इस पिरामिड के बारे में जापानी लोग भी बहुत ज्यादा नहीं जानते. ग्रेनाइट के एक बड़े पत्थर को तराश कर एक पिरामिड का रूप दिया गया है. यह पत्थर कहां से आया और कौन इस भारी पत्थर को उठाकर लाया कोई नहीं जानता. नौ टन के इस पिरामिड रूपी पत्थर को किसी विशेष प्रयोजन के तहत यहां लाया गया है क्योंकि आसपास के किसी भी क्षेत्र में ऐसा बड़ा या छोटा कोई पत्थर नहीं है. यह पिरामिड पहाड़ी ढलान पर स्थित है और इतने बड़े पत्थर को आसानी से यहां लाना किसी भी रूप में संभव नहीं है. माना जा रहा है कि इसे पर्वत तक पहुंचाने में किसी विशेष सहायता की आवश्यकता पड़ी होगी.
घने जंगलों के बीचोबीच स्थित इस पिरामिड के विषय में कई मान्यताएं प्रचलित हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पिरामिड में एक सफेद रंग का बड़ा और अद्भुत सांप रहता है. गांव के लोग इस सांप की पूजा करने के अलावा उसके खाने के लिए अंडे भी छोड़ते हैं. ऐसी परंपरा या मान्यता पूरे जापान या फिर संपूर्ण एशिया में कहीं और देखने को नहीं मिलेगी. हालांकि संप को अंडे खिलाए जाने का संबंध नाइल घाटी से भी है लेकिन वह जापान से विपरीत दिशा में है.
इस स्थान का अध्ययन करने के बाद यह बात सामने आई है कि आज तक कभी भी खगोलीय सर्वेक्षण के लिए इस स्थान का चुनाव नहीं किया गया है. इस जगह की खुदाई के बाद यह पता लगाया गया है कि इसका संबंध इतिहास से भी पहले से है.
मिस्र के पिरामिडों की पहेली अभी सुलझी नहीं थी कि जापान में एक अनोखे और रहस्यमय पिरामिड ने शोधकर्ताओं की उत्सुकता को और अधिक बढ़ा दिया है. जापान के माउंट कसागी पर स्थित इस पिरामिड के विषय में बहुत कम लोग ही जानते हैं. लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह पिरामिड एक विशेष धार्मिक महत्व रखता है.
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