
इस साल भौतिकी शास्त्र का नोबेल दो वैज्ञानिकों तकाकी काजिता और आर्थर बी मैकडोनाल्ड को देने की घोषणा की गई है.
'रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ़ साइंस' का कहना है कि इन दोनों वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड में सबसे सामान्य तौर पर मिलने वाले कणों न्यूट्रीनोस को लेकर अद्भुत खोजें की हैं.
इनके प्रयोगों से पता चला है कि न्यूट्रीनोस में भार होता है.
एकेडमी के मुताबिक़ ये ऐसी खोज है जिसने 'पदार्थ की सबसे आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर हमारी समझ को बदला है और इसने ब्रह्मांड के इतिहास, ढांचे और भविष्य को प्रभावित किया है.'
अहम योगदान
Kamioka Observatory ICCR University of Tokyo
प्रोफ़ेसर मैकडोनाल्ड कनाडा से हैं जहां वो किंग्स्टन की क्वींस यूनिवर्सिटी में पार्टिकल फ़िज़िक्स के प्रोफ़ेसर हैं.
ख़ुद को नोबेल दिए जाने की घोषणा पर उन्होंने कहा, "सौभाग्य से, मेरे बहुत से साथी हैं जो मेरे साथ इस पुरस्कार के हक़दार हैं. इस खोज में उनका बहुत अहम योगदान रहा है."
वहीं जापान के प्रोफ़ेसर काजिता टोक्यो यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं. नोबेल की घोषणा के दौरान प्रेस ब्रीफिंग में उनसे बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.
वर्ष 1901 से अब तक 201 वैज्ञानिकों को भौतिकी शास्त्र का नोबेल पुरस्कार दिया गया है जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं.
reference :-http://www.bbc.com/hindi/science/2015/10/151006_physics_nobel_2015_aa
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