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Friday, 18 September 2015

सूर्य ग्रहण से जुड़े 15 रहस्य जो आप नहीं जानते

एक सेकेंड भी इधर-उधर नहीं क्या आप जानते हैं सूर्य ग्रहण अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पड़ता है। जिसमें एक सेकेंड इधर-उधर नहीं होता है।
6,585.32 दिन का महत्व अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार जो सूर्य सूर्य ग्रहण कल पड़ेगा, ठीक वैसा ही सूर्य ग्रहण 6,585.32 दिन (18 वर्ष 11 दिन) बाद भी पड़ेगा
चंद्रमा की परछाईं सूर्य ग्रहण के वक्त पृथ्वी पर चंद्रमा की परछाईं पृथ्वी पर पड़ती है, जो 1100 मील प्रति घंटा की रफ्तार से इक्वेटर पर चलती है
ध्रुवों पर चंद्रमा की परछाईं सूर्य ग्रहण के वक्त पृथ्वी के ध्रुवों पर चंद्रमा की परछाईं 5000 मील प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है
कंफ्यूज हो जाते हैं जानवर सूर्य ग्रहण के वक्त पशु-पक्षी कंफ्यूज हो जाते हैं और सोने की तैयारी करने लगते हैं
पृथ्वी की घुर्णन गति प्रत्येक सूर्य ग्रहण पड़ने पर पृथ्वी की घुर्णन गति में 0.001 सेकेंड प्रति दशक की कमी आती है।
परछाईं की चौड़ाई पृथ्वी पर पड़ने वाली परछाईं की अध‍िकतम चौड़ाई 167 मील हो सकती है, इससे अध‍िक नहीं
पूर्ण सूर्य ग्रहण की समय सीमा एक पूर्ण सूर्य ग्रहण अध‍िकतम 7.5 मिनट तक रह सकता है।
एक साल में कितने सूर्य ग्रहण एक साल में कम से कम 2 और अध‍िकतम 5 सूर्य ग्रहण पड़ सकते हैं।
उत्तीरी और दक्ष‍िणी ध्रुव से उत्तीरी और दक्ष‍िणी ध्रुव से केवल आंश‍िक सूर्य ग्रहण ही दिख सकता है, पूर्ण सूर्य ग्रहण यहां से कभी नहीं दिख सकता है
चरम पर होता है सूर्य ग्रहण जब सूर्य ग्रहण अपने चरम पर होता है, तब पृथ्वी पर चंद्रमा की एक गोलाकार छवि बनती है।
गिर जाता है तापमान जिस जगह से सूर्य ग्रहण दिखाई देता है, वहां का तापमान करीब 20 डिग्री सेंटीग्रेड तक गिर जाता है
सूर्योदय-सूर्यास्त प्रत्येक ग्रहण सूर्योदय के वक्त शुरू होता है और सूर्यास्त पर खत्म होता है
पूर्ण सूर्य ग्रहण प्रत्येक एक या दो वर्षों में पूर्ण सूर्य ग्रण पड़ता है।
यदि कोई ग्रह है तो सूर्य ग्रहण के वक्त यदि कोई ग्रह मौजूद है, तो वह प्रकाश के बीच एक बिंदु की तरह दिखाई देता है

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