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Tuesday, 8 September 2015

मात्र 90 मिनट में यूरोप से ऑस्ट्रेलिया!

                        मात्र 90 मिनट में यूरोप से ऑस्ट्रेलिया!
‘यूरोप से ऑस्ट्रेलिया का सफर केवल 90 मिनट में’ है न ऐसी बात जिस पर अभी भरोसा करना शायद आपके लिए संभव नहीं हो रहा हो...
...लेकिन आवाज की गति से भी 20 गुना तेजी से चलने वाले हाइपरसोनिक स्पेसलाइनर की मदद से 2030 तक यह हकीकत साबित हो सकती है.

डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी एयरोस्पेस सेंटर (डीएलआर) ने सबसे पहले 2007 में इस परियोजना का प्रस्ताव पेश किया था लेकिन बाद में इस पर काम बंद कर दिया गया और अब कंपनी का कहना है कि हाइपरसोनिक स्पेसलाइनर की परिकल्पना पर यदि 33 अरब डॉलर और खर्च कर दिए जाएं तो सुपरसोनिक यात्री विमान बनाना संभव हो सकता है जो लगभग 100 यात्रियों को लेकर 90 मिनट में यूरोप से ऑस्ट्रेलिया पहुंच सकता है.

‘द जर्मन स्पेसलाइनर’ परियोजना के मूर्त रूप लेने से यूरोप से अमेरिका का सफर केवल 60 मिनट यानी एक घंटे में कर पाना संभव हो जाएगा।द्विचरणीय इस स्पेसलाइनर को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा.

इसके एक भाग में यात्री बैठेंगे और दूसरा भाग विमान के बूस्टर का होगा जिसके रॉकेट प्रोपल्शन सिस्टम में पर्यावरण मित्र ईधन के तौर पर द्रव हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जाएगा. विमान का इंजन 10 मिनट से भी कम समय में इसे ध्वनि की गति के 20 गुने से भी अधिक तेजी दे देगा.

इसके बाद 80 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्पेसक्राफ्ट से अलग होने वाला हिस्सा 20 मैक से भी अधिक की रफ्तार से गंतव्य की ओर बढ़ेगा.

स्पेसलाइनर परियोजना के प्रमुख मार्टिन सिप्पेल ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित ‘अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोडायनमिक्स एंड एयरोनोटिक्स स्पेस प्लेंस एंड हाइपरसोनिक’ कांफ्रेंस में बताया कि इस परियोजना पर काम आगे बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘हम इस संबंध में एक विकासीय खाके के साथ आगे आना चाहते हैं.

इस परियोजना के साकार होने से केवल एक घंटे में 100 यात्रियों को लेकर अंतरमहाद्वीपीय और अंतरप्रशांत महासागरीय अभियानों को पूरा करना संभव हो पाएगा.

इस परियोजना पर लाखों डॉलर का खर्च आने और इसका टिकट भी काफी महंगा होने की उम्मीद है.

सिपल ने कहा, ‘हर साल लाखों लोग एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप की यात्रा करते हैं और हमारा मानना है कि इसमें अंतरिक्ष का इस्तेमाल काफी कम किया जाता है.’ सिपल ने उम्मीद जताई कि स्पेसलाइनर एक दिन में ऐसी 15 उड़ानों को अंजाम देगा.

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