पिछले साल अप्रैल से अब तक चंद्रमा का रंग चार बार लाल हो चुका है, जो 28 सितंबर को पूरी तरह से लाल हो जाएगा. इसके बाद धरती पर भयानक भूकंप आएंगे और आसमान से उल्का पिंडों की बाररिश होगी. जो ईसा मसीह के धरती पर आने की सूचना देंगे. ये वो समय होगा, जब धरती पर भयानक भूकंप के झटके होंगे, जो अरब देशों में युद्ध की स्थिति पैदा कर तीसरे विश्वयुद्ध की ओर धकेल देगी. यह दावा अमरीकी ईसाई संतों ने की है.

मार्क ब्लिज्ट और जॉन हेगी नाम के इन दो ईसाई संतों की इस भविष्यवाणी ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. दोनों इसाई कैथलिक संतों का दावा है कि चांद के लाल होने की घटना 2000 साल में एक बार होती है. हालांकि दोनों की इस भविष्यवाणी ने अमरीकी लोगों में बेचैनी पैदा कर दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अमरीकी पुलिस ने मार्क ब्लिज्ट और जॉन हेगी को हिरासत में लिया है.
इसाई पादरी जॉन हेगी ने तो आपदा की भविष्यवाणी पर ‘फोर ब्लड मून’ नाम से एक किताब भी लिखी है जो 2013 में प्रकाशित हुई थी. इस किताब ने बिक्री के कई रिकॉर्ड भी तोड़े. दोनों संतो का दावा है कि “1948 में जब ‘ब्लड मून’ की स्थिति बनी थी, तो इजरायल का जन्म हुआ था और इस बार ‘ब्लड मून’ धरती पर पैगंबर की वापसी का संकेत मिल रहे हैं”.

वैसे विश्व खत्म होने की अटकले विभिन्न साइट और ब्लॉग में 22 से 28 सितंबर के बीच बताई गई है.
इस तरह की खबर आने के बाद में सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकले लगाई जा रही हैं. हालांकि नासा ने पृथ्वी पर किसी भी तरह की अनहोनी हो उससे इंकार किया है. उनके अनुसार अगले कई सौ सालों तक ऐसी कोई आपदा आने की संभावना नहीं है
reference :-http://infotainment.jagranjunction.com/2015/09/09/will-the-world-end-on-september-28/
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