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Saturday, 1 October 2016

Acchi bate -17

नकारत्मक चीज हमलोगो पर जल्दी हावी होता है ।
और तो और हमलोग दूसरे की गलती को हर सम्भब ढूढनेप्रयास करते है , दूसरे की गलती को खोजने में न जाने हम अपने शारीर का ऊर्जा कितना हिस्सा नष्ट क्र देते है , पर मिलता है उससे क्या कुछ । अगर वही ऊर्जा हम अपने गलती को ढूढ़ने का प्रयास करैंगे तो अपना भला होगा और साथ ही साथ हमसे जुड़े कितने का उद्धार होगा ।जो जिस अवस्था में है उसे रहने दीजिये सायद वह मेहनत कर उस मुकाम तक पंहुचा होगा । और हम क्या करते है उसे निचे दिखने का हर सम्भब प्रयास करता है उससे आपका कुछ फ़ायदा नही है बल्कि वह ऊपर और उठेगा ।वैसे भी कहा गया है
" अगर आपके विरोधी बढ़ रहे है और आपको निचे दिखने वाले बढ़ रहे है सोच लीजिये आप तरक्की कर रहे है "
इसलिए अपने विचार को सकारात्मक दिशा दे और अपने मेहनत से अपनी ऊचाइयों को छुएँ।
एक स्टोरी आप को सुनाता हूँ:-
एक बार की बात है एक चित्रकार थे , वह चित्र अच्छा बनते थे । वह एक चित्र बनाकर चौरहे पर लगा दिए और उसमे लिख दिए जो भी आदमी इस चित्र को देखे और उसमे कहाँ पर ख़राब है उसे क़लम से सुधारने के वह लिख दे । इसी तरह बहुत से आदमी वहाँ से गुजरने वाले कुछ लिख देते थे । कुछ दिन बाद जब चित्रकार उसे देखे तो उसे लगा की हम इतने ख़राब चित्र बनये थे । एस हो गया था की चित्र ही नही दिख रहा था इतने लोगो ने उसे सुधारने के लिए थे । फिर चित्रकार उसी के जैसा चित्र बनये और वही पर लगा दिए बस इस बार ये लिख दिए की जो भी इस चौराहे से गुजरे और चित्र देखे और उसे जो जहँ अच्छा लगे उसे वहाँ पर कलम से लिख दे । कुछ दिन बाद जब चित्रकार उसको देखे तो दंग रह गए ।इस बार वह एक भी शब्द कुछ नही लिखा था ।
मतलब की हमलोग गलती ढूढ़ने का हर संभम प्रयास करते है  जबकि अच्छी बातों की तरफ ध्यान भी नही देते है ।
धन्यबाद
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कुछ को लगता है , हम शांत और अहिंसा के परवर्ती के लोग है , है हमलोग , तब तक अहिंसा के परवर्ती और शांति की परवर्ती को बनये रखते है जब तक हममे सहने की शक्ति है , आप कुछ बोलेगे मेरे बारे चुप रहैंगे , मेरा बुराई करोगे चुप रहेंगे , एक 2 झापड़ लगा दोगे , फिर भी हम चुप रहेंगे , हर सम्भब अपने आप को शान्ति और अहिंसा को पालन करने का प्रयास करते है , क्योकि ये चीज हमे अपने पूर्वजो से विरासत में मिला है । इसका मतलब ये नही हमे लड़ाई करने नही आता है ,मुहतोड़ जबाब कभी भी दे सकते है । संसार में भारत का नाम हर एक ब्यक्ति को संत परवर्ती के नाम से जाना जाता है ,क्योकि वह लड़ाई झगड़ा , हिंसा का प्रयोग बहुत कम मात्रा में करते है ।
जब आप हिंसा और निर्दोष को मारकरऔर देश को क्षति पहुच हमेसा हमे युद्ध के लिए हमे   मजबूर करोगे तो हम चुप रहकर बैठने वाले नही , जमकर आपका सामना करैंगे और ऐसा कोहराम मचाएंगे की    हमारे निर्दोष आदमी और देश की क्षति पहुचने वाले का नाम तक मिटा देगें ।
" हम शांति का पक्ष लेंगे, अहिंशा का पक्ष लेंगे , प्यार से एक बार नही 2 बार 3 बार समझायेंगे ,फिर भी आप नही समझे तो सस्त्र उठायेंगे और जब सस्त्र एक बार उठा लेते तो अपने दुश्मनों का शर्बनाश कर देते ।"
हमे मजबूर मत कीजिये-------

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