टोरंटो : एक सप्ताह पहले बुध की सतह से टकरा जाने वाले नासा के अंतरिक्षयान ‘मैसेंजर’ से मिले नए आंकड़ों के अनुसार, बुध का चुंबकीय क्षेत्र लगभग चार अरब साल पुराना है।
इस खोज से वैज्ञानिकों को बुध के इतिहास से जुड़ी जानकारी के छोटे-छोटे तारों को एक-दूसरे से जोड़ने में मदद मिलेगी। मैसेंजर अभियान से पहले सूर्य के इस निकटतम ग्रह के बारे में बहुत कम ही जानकारी उपलब्ध थी। नासा का अंतरिक्षयान मैसेंजर वर्ष 2004 में पृथ्वी से रवाना हुआ था। वर्ष 2008 में पहली बार बुध के करीब से गुजरने के बाद यह अंतरिक्षयान वर्ष 2011 से इस ग्रह की कक्षा में घूम रहा था और पृथ्वी पर मौजूद वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण जानकारियां भेज रहा था।
नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने मैसेंजर द्वारा वर्ष 2014 के अंत और वर्ष 2015 की शुरूआत में भेजे गए आंकड़ों का इस्तेमाल किया। इस अवधि के दौरान यह यान बुध की सतह के बेहद करीब से होकर गुजरा था। तब सतह से इसकी उंचाई महज 15 किलोमीटर थी। इससे पहले के वर्षों में मैसेंजर की न्यूनतम उंचाई 200 से 500 किलोमीटर के बीच थी। ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय में ग्रह विज्ञानी और इस अध्ययन की प्रमुख लेखिका कैथरीन जॉनसन ने कहा कि यह अभियान शुरूआत में महज एक साल के लिए था। किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि यह चार साल तक चल जाएगा। जॉनसन ने कहा कि इन हालिया आकलनों से मिली जानकारी वाकई दिलचस्प है और इसके चुंबकीय क्षेत्र के बारे में मिली जानकारी इसका शुरूआती हिस्सा है। कुछ समय से वैज्ञानिक यह जानते थे कि बुध पर पृथ्वी जैसा ही चुंबकीय क्षेत्र है लेकिन यह कहीं कमजोर है।
आंतरिक सौरमंडल में पृथ्वी के अलावा बुध ऐसा एकमात्र ग्रह है, जिसमें ऐसा चुंबकीय क्षेत्र है। इस बात के साक्ष्य हैं कि मंगल पर कभी चुंबकीय क्षेत्र हुआ करता था लेकिन वह तीन अरब साल से भी ज्यादा समय से पहले लुप्त हो गया था। जब मैसेंजर बुध के पास से होकर गुजरा, तो इसके मैग्नेटोमीटर ने बुध की सतह पर मौजूद चट्टानों के चुंबकत्व के बारे में आंकड़े जुटाए। इन सूक्ष्म संकेतों ने यह दर्शाया कि बुध का चुंबकीय क्षेत्र बहुत पुराना है। यह कम से कम 3.7 से 3.9 अरब साल पुराना है। इस ग्रह का निर्माण लगभग उसी समय (4.5 अरब साल से भी पहले) हुआ था, जब पृथ्वी का निर्माण हुआ था।
जॉनसन ने कहा कि यदि हमें ये हालिया आकलन न मिलते, तो हम कभी भी यह न जान पाते कि बुध का चुंबकीय क्षेत्र समय के साथ किस तरह विकसित हुआ? नासा का अंतरिक्षयान मैसेंजर एक सप्ताह पहले बुध की सतह से टकरा गया था। इसके साथ ही इसके 11 साल पुराने उस अभियान का अंत हो गया, जिसने बुध के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी और तस्वीरें उपलब्ध करवाई थीं।
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