आज मैं आपको बताना आदमी कब तक कुछ चीज को बर्दास्त कर सकता है खासकर बल में , बल में अगर एक दूसरे की अपेक्षा कम ताकतवर है तो उसमे एक उससे शाररिक रूप से अगर अधिक बलशाली है तो वो हमेशा अपने से कम शारारिक शक्ति आदमी को मेन्टल ,फिजिकल ,या फिर कोई आंतरिक कारणों के कारन परेशान करता है तो वो बर्दास्त कर सकता है जब तक वह कम है उससे , मतलब वह लड़ाई के पक्ष में नही के बराबर ही रहेगा ।
तब तक वह शांति का माहौल को अपनाएगा , चाहे वह कितना भी उसे लड़ने के लिए उत्तेजित करता है ,वह हर संभम बर्दास्त करने की कोसिस करंगे ।
" यह बर्दास्त ,मर्यादा तब ख़तम हो जायेगी तब उसके पास कोई हथियार ,जैसे तलवार या भिर बन्दुक , और इसके आने के साथ ही उसका आत्म बल बल बढ़ जायेगी और वह लड़ाई के के लिए हमेशा तैयार रहेगें , उस टाइम उसकी बर्दास्त करने की शक्ति ख़तम हो जायेगी , जो शांति थी वो ख़तम होने की कारगर पर होगी । "
मतलब मैं यह कहना चाहता हूँ की , वह तब तक ही बर्दास्त करैंगे जब तक उसके पास कोई हथियार नही है , जैसे ही कोई हथियार हथियार होएंगे वहाँ पर कोई अपने को कम नही समझेगा , मतलब लड़ाई की स्थिति हमेशा बानी रहेगी , क्यों की कोई एक दूसरे से कम नही रहेगा । क्योंकि आज के समय में कोई कम रहना चाहता नही है , और जल्दी ही क्रोधित हो जाते है आजकल के लोग , और जब क्रोधित होंगे तो वह बरचस्य की लड़ाई नही रह जाती बल्कि अपनी शक्ति की लड़ाई हो जाती है ,इसमें कोई उसको या इसको पिट देता है , जिसमे हानि दोनों को है ,आर्थिक क्षति हो या फिर किसी के मारने का क्षति "
" आज के स्थिति देखकर यह अनुमान लगया जा सकता है , की सभी देश अपने अपने घातकऔर खतरनाक हथियार तैयार कर रहे है ,आने वाले दिनों में देश के बिच अगर किसी बात को लेकर तनाव होता है तो उस समय वरचस्य की लड़ाई नही हथियार की लड़ाई होगी , और उसमे न जाने कितने जान मॉल की ,आर्थिक क्षति ,और न जाने कितने इन्शान अपनों को खो देगें , दूसरे के हस्तक्षेप करते करते तब तक कितने चीज उजर जायेअंगे ।
"युद्ध दो दो देशो के बिच ,दो राजाओं के बिच ,दो सैनिक के बिच , दो आदमियो के बिच , दो समूहों के बिच होता । पर युद्ध के परिणाम बाद में पता चलता है की ,इन्शान ने क्या क्या खोया ।
तब तक वह शांति का माहौल को अपनाएगा , चाहे वह कितना भी उसे लड़ने के लिए उत्तेजित करता है ,वह हर संभम बर्दास्त करने की कोसिस करंगे ।
" यह बर्दास्त ,मर्यादा तब ख़तम हो जायेगी तब उसके पास कोई हथियार ,जैसे तलवार या भिर बन्दुक , और इसके आने के साथ ही उसका आत्म बल बल बढ़ जायेगी और वह लड़ाई के के लिए हमेशा तैयार रहेगें , उस टाइम उसकी बर्दास्त करने की शक्ति ख़तम हो जायेगी , जो शांति थी वो ख़तम होने की कारगर पर होगी । "
मतलब मैं यह कहना चाहता हूँ की , वह तब तक ही बर्दास्त करैंगे जब तक उसके पास कोई हथियार नही है , जैसे ही कोई हथियार हथियार होएंगे वहाँ पर कोई अपने को कम नही समझेगा , मतलब लड़ाई की स्थिति हमेशा बानी रहेगी , क्यों की कोई एक दूसरे से कम नही रहेगा । क्योंकि आज के समय में कोई कम रहना चाहता नही है , और जल्दी ही क्रोधित हो जाते है आजकल के लोग , और जब क्रोधित होंगे तो वह बरचस्य की लड़ाई नही रह जाती बल्कि अपनी शक्ति की लड़ाई हो जाती है ,इसमें कोई उसको या इसको पिट देता है , जिसमे हानि दोनों को है ,आर्थिक क्षति हो या फिर किसी के मारने का क्षति "
" आज के स्थिति देखकर यह अनुमान लगया जा सकता है , की सभी देश अपने अपने घातकऔर खतरनाक हथियार तैयार कर रहे है ,आने वाले दिनों में देश के बिच अगर किसी बात को लेकर तनाव होता है तो उस समय वरचस्य की लड़ाई नही हथियार की लड़ाई होगी , और उसमे न जाने कितने जान मॉल की ,आर्थिक क्षति ,और न जाने कितने इन्शान अपनों को खो देगें , दूसरे के हस्तक्षेप करते करते तब तक कितने चीज उजर जायेअंगे ।
"युद्ध दो दो देशो के बिच ,दो राजाओं के बिच ,दो सैनिक के बिच , दो आदमियो के बिच , दो समूहों के बिच होता । पर युद्ध के परिणाम बाद में पता चलता है की ,इन्शान ने क्या क्या खोया ।
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