fb likes

Wednesday, 18 February 2015

क्रोध से हमे कुछ नही हाशिल होता है ,बल्कि अपना ही नुकशान कर लेते है ,क्रोध से हानि सुधर नही सकती ,क्रोध शांत हिने पर केबल पछतावा ही देता है,

             ^ क्रोध मूर्खता से प्रारम्भ होता है ,और पच्याताप पर                               समाप्तय होता है^^^^ 

No comments:

Post a Comment