think about new technology :----
आजकल ये देखा गया है की ,लड़के के मन में बहुत सारा ख्वाब रहता है !उसे नए नए टेक्नोलॉजी के बारे में जाने के लिए हमेशा उत्सुक रहता है ! उसके बारे में जानकारी के लिए हमेशा कहि न कहि खोजता रहता है जैसी मैगजीन गूगल विकिपीडिया वह हर एक टेक्नोलॉजी के बारे में हमेशा सर्च करते रहता है ,जिसमे उसका टाइम जयदा लॉस्ट होता है , वह ठीक से अपने सब्जेक्ट के बारे में नही समय दे पता है । जितना जरुरी किशी टेक्नोलॉजी के बारे में जानना जरूरी होता है उतना ही ,ही सब्जेक्ट के बारे पढ़ना भी जरुरी होता है ,वह हमेसा कंफ्यूज रहता है की हम क्या पढ़े ,क्या शिखे ,जितना ज़ुरूरी सब्जेक्ट के बारे में होता है उतना ही जरुरी किसी टेक्नोलॉजी के बारे में जानने के बारे में होता है !
क्योकि जितना किसी चीज़ को सिखने में टाइम देते है ,अगर उसी के बारे में पहले से मालूम होता है की ये एस है एषा होता है तो
उशी के बारे में पढ़ने में और मज़ा आता है, आजकल के बच्चे में
अधिक से अधिक के बारे में जानने की इच्छा रहती है !क्योकि पहले उतना टेक्नोलॉजी नही था तो बच्चे सिर्फ बुक से ही पढ़ाई करते थे, पर आजकल दुनिया इतना हाईटेक हो गया है की
उसके बारे में बहुत सी पेज नेट पर दिया रहता है , youtube में बहुत साड़ी लेक्चर टुटेरिअल वीडियो के रूप में दिया रहता है जहाँ वह ऑनलाइन वीडियो देख सकता है ! वह हमेशा उसे देखने में लगा रहता है ! वीडियो देखना बुरी बात नही है पर हर एक चीज़ का लिमिट होता है जिसे आप को खुद समझना पड़ेगा !
नए टेक्नोलॉजी के बारे में जानने से आप को इंटरेस्ट तो आता है
पर एक फ़ायदा यह है की आप नए आने वाले टेक्नोलॉजी का अनुमान भी लगा सकते है ! सिंपल सा उधारण लीजिये की मोबाइल फ़ोन पहले ब्लैक एंड वाइट था , उसके बाद कलर मोबाइल ,मुल्टीमीडिया , उसके बाद नेट सोशल साईट , नेट सर्फिंग जीपीएस ट्रैकिंग , वर्ल्ड मैप , न जाने कितने फिचर इन्क्लूड होता गया है ,ना जाने कितने और फ़ीचर इन्क्लूड होगा ,क्योकि हम जो सोचते टेक्नोलॉजी के बारे में वही तो फ्यूचर में आने वाली टेक्नोलॉजी होता है ! जब हम किसी के बारे में पुरानुमान लगते है की , अब एषा होना चाहिए , मुझे ऐसा फ़ीचर पसंद है , अगर वह मॉर्केट में नही आया रहता है तो आप उसे बनाने के बारे में सोचते है ! या उससे रिलेटेड आईडिया के बारे में पढ़ते है , और वही एक दिन रियल टेक्नोलॉजी में बदल जाता है ! किसी टेक्नोलॉजी के बारे सोचना बुरी बात नही है , उससे आपके दिमाग की शक्ति बढ़ेगी ,साथ साथ कोई भी टेक्नोलॉजी को इम्प्लीमेंट करने के बारे सोच भी पयेआगे ! वैसे भी एक रिसर्च में आया है की अगर कोई
बच्चे किताब की बातें बढ़ते है ,और जो बच्चे किताब के साथ साथ कुछ मैगजीन भी बढ़ते है , मैगजीन पढ़ने वाले बच्चे के दिमाग , तथा सोचने , कैलकुलेशन करने की शक्ति ज्यादा पाई गई
! बच्चे का तो mind sharp होता है ! जितना कुछ नए चीज के बारे में पढ़ेअंगे उसे ओर अधिक जानने की कोशिश लगी रहती है !
बच्चे को पढ़ने के समय में ये नही की कुछ एक्स्ट्रा चीज़ पड़ने लगे जब उसे पढ़ने का मन नही क्र रहा है , तो कुछ एक्स्ट्रा सब्जेक्ट पढ़े , टीचर आपको सिर्फ पढ़ने सिखाएंगे , पर आप अपनी
सोच , फ्यूचर लक्ष्य आप अपने से निर्धारित करैंगे ! क्योकि जबतक आप अपना फ्यूचर लक्ष्य नही निर्धरित करैंगे तब तक पढ़ने में मज़ा नही आएगा ! पढ़ने में तब ही मज़ा आएगा जब आप का कुछ करने , कुछ नया करने , अपने सोच को अपने दिमाग दे रियल रूप दुनिया वालो को दिखायेअंगे तब आपका जीबन जीने का लक्ष्य पूर्ण होगा !!!!!!
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